यदि आज भारत और चीन के बीच युद्ध छिड़ जाए तो क्या हाल होगा चीन का? हर भारतीय यह पढ़े।

क्या भारत अब चीन से मुकाबला कर पाने में सक्षम है? दरअसल जब से चीन ने भारत को चेतावनी दी है कि भारतीय सेना को इतिहास से मिले सबक, यानी 1962 की लड़ाई में मिली हार, से सीख लेनी चाहिए तब से एक बार फिर से यह बहस चली पड़ी है कि क्या भारत अब चीन से मुकाबला कर पाने में सक्षम है? या फिर अब वह उसे छोड़कर आगे बढ़ चला है. इस बीच रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने चीन की धमकी के प्रत्युत्तर में यह कहकर तनाव को और भी हवा दे दी है कि 1962 के भारत और 2017 के भारत में फर्क है. तब अलग हालात थे और अब हालात अलग हैं.

भारत-चीन युद्ध हुआ तो जापान देगा भारत का साथ, चीन को सबक सिखाना ज़रूरी: जापानी मीडिया

चीन दसको से अपने पडोसी देशो के साथ घिनौनी हरकते करता रहा है, जिस वजह से आज स्थिति ऐसी है की कोई भी पडोसी मुल्क उसके साथ नहीं है और सब के सब उसके दुसमन बने मौके की ताक में है! वियतनाम, ताइवान, फिलीपींस, जापान और भारत सभी उसके खिलाफ खार खाये बैठे है! भारत ने तो चीन से सटे सिमा पर ब्रम्होस मिसाइल, टैंक तथा सुखोई जैसे विमान तैनात कर चीन को कड़ा सन्देश दिया है!

भारत के साथ साथ जापान जो कि दुनिया कि एक आर्थिक महाशक्ति है, आज चीन ने माहौल इतना बिगाड़ रखा है की जापान भी चीन के खिलाफ अब खुलकर सामने आता दिख रहा है, जापान हमेशा से चीन के खिलाफ सख्त रवैया रखता है और विश्वयुद्ध के दौरान जापान ने चीन को अच्छी सबक सिखाई थी!

जापान दक्षिण सागर में चीन के अधिकार को लेकर कड़ा विरोध जता रहा है, आपको बता दे की चीन दक्षिण सागर में अपना एकछत्र अधिकार जमाना चाहता है जिससे दक्षिण एशिया के सभी देश खफा है जापानी मीडिया का कहना है की दक्षिण सागर पर सबका समान अधिकार है, लेकिन चीन अपनी हेकड़ी दिखा रहा है, जापानी मीडिया ने ये भी कहा की चीन अब बातो से नहीं मानने वाला, अब सभी देशो मिलकर चीन को उसी के भाषा में जबाब देना होगा!

एक ओर जहां भारत और जापान अपना विरोध जता रहे है वही दूसरी ओर वीएतनाम, ताइवान भी चीन के साथ सख्ती दिखा रहे हैं! इसके अलावे जापान के मीडिया में कहा जा रहा है की आने वाले समय में भारत और चीन के बीच युद्ध कि संभनाएँ हैं और अगर ऐसा होता है तो जापान भारत का का साथ देगा क्यूंकी चीन को सबक सीखना जरुरी है!

हम आपको बता दें कि चीन के हर एक पड़ोसी देश से सम्बन्ध बेहद खराब हैं! चीन ने हर एक देश में अतिक्रमण करने कि कोशिश है जिसके परिणाम में अब सारे पड़ोसी देशों भारत के साथ मिलकर चीन को जवाब देना चाहते हैं.

हालांकि, चीन तो क्या, यह बात हर कोई जानता है कि अब लड़ाई किसी देश के बूते की बात नहीं है. हां बस इसके नाम पर दबाव जरूर बनाया जा सकता है. सच्चाई यह है कि भारत, अमेरिका और जापान की दोस्ती चीन को रास नहीं आ रही है, लिहाजा वह दबाव बनाने के लिए यह सब कर रहा है, ताकि इन तीनों देशों की दोस्ती परवान न चढ़ सके और इस क्षेत्र में उसका दबदबा कायम रहे.

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